छत्तीसगढ़

कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने तोरना कोसा उत्पादन केन्द्र का किया निरीक्षण

Shantanu Roy
1 Feb 2026 11:42 PM IST
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने तोरना कोसा उत्पादन केन्द्र का किया निरीक्षण
x
छग
Sarangarh Bilaigarh. सारंगढ़ बिलाईगढ़। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने शनिवार को बरमकेला ब्लॉक के ग्राम तोरना में स्थित कोसा उत्पादन केन्द्र का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों और रेशम विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उत्पादन प्रक्रिया के सभी चरणों का अवलोकन किया। मैदानी अधिकारी ने कलेक्टर को बताया कि यहाँ 19 किसान लगातार रेशम का उत्पादन कर रहे हैं। कोकून उत्पादन तीन वर्षों तक विभिन्न चरणों में संचालित होता है। निश्चित समय पर कोकून परिपक्व होने पर उसे तोड़ा जाता है और धागाकरण के लिए भेजा जाता है। इस प्रक्रिया से न केवल रेशम का उत्पादन सुनिश्चित होता है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होती है।

कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने निरीक्षण के दौरान किसानों को सुझाव दिया कि कोसा उत्पादन के साथ-साथ कंदमूल की मिश्रित खेती की जाए। उन्होंने मिट्टी की गुणवत्ता और उपजाऊ क्षमता को देखते हुए पौधों के बीच खाली भूमि का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया। किसानों को जिमीकंद, हल्दी, अदरक, कोचई आदि कंदमूल की खेती करने के लिए मार्गदर्शन दिया। यह उपाय किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि विविधीकरण में भी मदद करेगा। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि रेशम उत्पादन में नई तकनीकों का उपयोग किया जाए और किसानों को उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं को सुनने और उन्हें समाधान प्रदान करने के लिए लगातार फील्ड में सक्रिय रहने के लिए कहा।

इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा और जनपद पंचायत सीईओ अजय पटेल भी उपस्थित थे। उन्होंने किसानों के साथ बातचीत की और कोसा उत्पादन में आने वाली चुनौतियों एवं समाधान पर विचार-विमर्श किया। साथ ही उन्होंने किसानों को कृषि के आधुनिक तरीकों के बारे में जानकारी देने का आश्वासन भी दिया। कलेक्टर ने कहा कि रेशम और कंदमूल की मिश्रित खेती से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कृषि अधिकारियों से कहा कि किसानों को
समय-समय
पर फील्ड विजिट कर प्रशिक्षण दिया जाए और उन्हें नई तकनीकों व उन्नत बीजों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए। कुल मिलाकर यह निरीक्षण किसानों के लिए एक मार्गदर्शन का अवसर साबित हुआ। कलेक्टर के सुझावों और अधिकारियों के मार्गदर्शन से किसानों को उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कृषि विविधीकरण को अपनाने में मदद मिलेगी। इस पहल से रेशम उत्पादन और कंदमूल की खेती दोनों को बढ़ावा मिलेगा और बरमकेला ब्लॉक के किसानों की आय में सुधार होगा।
Next Story